अलीगंज अग्निकांड: सस्पेंड FSSO कमलेंद्र सिंह के दो वीडियो से बढ़ा विवाद, पहले लगाए आरोप फिर मांगी माफी
Aliganj Fire Tragedy: Suspended
अलीगंज अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए फायर स्टेशन सेकेंड ऑफिसर (एफएसएसओ) कमलेंद्र कुमार सिंह के दो अलग-अलग वीडियो सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है। पहले वीडियो में उन्होंने अपने निलंबन को अन्यायपूर्ण बताते हुए हादसे की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों पर डालने की कोशिश की, जबकि बाद में जारी दूसरे वीडियो में उन्होंने अपने बयान से पलटते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली।
पहले वायरल वीडियो में कमलेंद्र सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक पत्र पढ़ते नजर आए। उन्होंने कहा कि अलीगंज अग्निकांड के बाद उनके खिलाफ की गई कार्रवाई एकतरफा और अन्यायपूर्ण है। उनका दावा था कि एफएसएसओ के अधिकार सीमित होते हैं और उनकी भूमिका केवल स्थानीय निरीक्षण तथा रिपोर्ट तैयार करने तक ही सीमित रहती है।
कमलेंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा कि भवनों को फायर क्लीयरेंस देने और शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की मुख्य जिम्मेदारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) की होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका उपयोग वर्षों से स्वीकृत मानकों के विपरीत किया जा रहा था और इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को होनी चाहिए थी। साथ ही आग लगने के बाद राहत एवं बचाव कार्य में कथित देरी और समन्वय की कमी का भी उल्लेख किया।
हालांकि कुछ समय बाद सामने आए दूसरे वीडियो में कमलेंद्र सिंह ने अपने पहले बयान से दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि 22 जून की दुर्घटना में 15 लोगों की मौत से वह बेहद दुखी और मानसिक रूप से परेशान थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उन्हें भ्रमित कर वीडियो बनवा लिया। उन्होंने वायरल वीडियो का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर पूरा भरोसा है और उन्होंने अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा भी मांगी।
कमलेंद्र सिंह के इन दोनों विरोधाभासी बयानों के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर पहले लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई थी और बाद में बयान बदलने के पीछे क्या कारण रहे।